कभी कभी जब मन को मनचाहा मिल जाता है , या मिलने की उमीद रहती है तो वो फिर बहकने लगता है और वो इतना बहक जाता है कि उसे कहना पड़ता है कि.............
संभल ऐ दिल तू इतना क्यों धड़क रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
पैमाना तो उनके लैब है , उनका साथ साकी है
मयखाना सुख गया तो क्या हुआ , लबो पे प्यास बाकी है
जाओ जाकर कह दो उनसे, अभी हम मद्होश ना होंगे
कि उनकी साँसों कि छुअन उनका अहसास बाकी है
क्यों हर कोना दिल का उनकी खुशबू से महक रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
कब तक सन्नाटों मे तू उनका नाम पुकारेगा
कितनी रातों को उनकी यादों से सवारेगा
जा अभी सो जा तू नींद पूरी कर ले
तभी तो उनकी बाहों मे रात गुजरेगा
तरी साँसों मे ये गर्मी कैसी , क्यों ये दहक रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
अरे होश मे आ , होश में आ , अभी तो संभालना है
अभी तो दो जिस्मो को , दो ज़ानो को मिलना है
बस बंद कर निगाहे और महसूस कर उस पल को
जब तेरे प्यार को तेरे बाहों मे पिघलना है
बस सोच कर ही सबकुछ तू इतना क्यों चहक रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
क्यों उनकी यादों मे रात ख़राब कर रहा है
क्यों रेत पर नाम लिखकर वक़्त बर्बाद कर रहा है
ये उदासी कैसी , और तेरी हंसी कहाँ गयी
अरे खुशिया मन कमबख्त तू प्यार कर रहा है
संभल संभल संभल, तू इतना क्यों धड़क रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है .............................
संभल ऐ दिल तू इतना क्यों धड़क रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
पैमाना तो उनके लैब है , उनका साथ साकी है
मयखाना सुख गया तो क्या हुआ , लबो पे प्यास बाकी है
जाओ जाकर कह दो उनसे, अभी हम मद्होश ना होंगे
कि उनकी साँसों कि छुअन उनका अहसास बाकी है
क्यों हर कोना दिल का उनकी खुशबू से महक रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
कब तक सन्नाटों मे तू उनका नाम पुकारेगा
कितनी रातों को उनकी यादों से सवारेगा
जा अभी सो जा तू नींद पूरी कर ले
तभी तो उनकी बाहों मे रात गुजरेगा
तरी साँसों मे ये गर्मी कैसी , क्यों ये दहक रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
अरे होश मे आ , होश में आ , अभी तो संभालना है
अभी तो दो जिस्मो को , दो ज़ानो को मिलना है
बस बंद कर निगाहे और महसूस कर उस पल को
जब तेरे प्यार को तेरे बाहों मे पिघलना है
बस सोच कर ही सबकुछ तू इतना क्यों चहक रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है
क्यों उनकी यादों मे रात ख़राब कर रहा है
क्यों रेत पर नाम लिखकर वक़्त बर्बाद कर रहा है
ये उदासी कैसी , और तेरी हंसी कहाँ गयी
अरे खुशिया मन कमबख्त तू प्यार कर रहा है
संभल संभल संभल, तू इतना क्यों धड़क रहा है
अभी निगाहों से ही पी है अभी से ही बहक रहा है .............................
koun hai wo haan haan haan naam bataiye bataiye jaldi .......abhi aunty ko batati hun .......pure bigad gaye hain?"MAA DA LADLA BIGAD GAYA " hahahhahahhahahha....................
ReplyDeleteyeh kya tha boss... bahut heavy tha mere liye to digest...
ReplyDeletehehehe