ये एक कल्पना है एक बहुत प्यारी , सपनो जैसी दुनिया की .
ये एक उम्मीद है एक ख्वाब है और कुछ नहीं....
एक छोटी सी दुनिया हो मेरी
एक छोटा सा जहान हो
जहाँ रिश्ते सर छुपा सके
ऐसा एक मकान हो.
हर ईट प्यार से जुड़े
हर ईट मे ही याद हो
दीवार नहीं हो रिश्तों में
बस प्यार की बुनियाद हो.
खनक हो उनके चूड़ी की
और पायल की झंकार हो
आँख खुले जब सुबह सुबह
तो बस उनका दीदार हो.
जहाँ मैं रहूँ , वो रहे
और चांदनी रात हो
हवा चले कुछ मद्धम मद्धम
तारों की बरसात हो.
जुल्फों मैं उनके दिन गुजरे
बाँहों मैं उनके शाम हो
हो प्यार की लाली होठों पर
और जुबान पर मेरा नाम हो.
ना कोई सीमायें हो
ना जिक्र कही हो बंधन का
आँखों की भाषा आँखें पढले
हो प्यार जरिया संबोधन का.
इस प्यार से कुछ फूल खिले
कुछ नाम हो उनके प्यारे से
छाया हो हम दोनों की
लगे वो कुछ हमारे से.
फिर प्यार सुने और प्यार कहे
बस प्यार रहे और प्यार रहे
प्यार ही आगाज था और प्यार ही अंजाम हो
प्यार के ही छाँव तले जिंदगी की शाम हो ..............................
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ReplyDeleteu have explained the dream of each n every 1 who wants 2 spend life wid their love...The poem is really very lovely.
ReplyDeleteachha afica ka jungle aapke liye book kar deti hun.......hahahahhahhahah.................
ReplyDeletehmmm... ab bata do yaar kaun hain woh... apki prerna, apki kalpana..hmmm??????
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